सहरसा। कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) ने शुक्रवार को सहरसा जिले के सौरबाजार थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना में संधारित विभिन्न पंजियों, अभिलेखों एवं संचिकाओं की समीक्षा की और उन्हें व्यवस्थित रखने के साथ नियमित रूप से अद्यतन करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सहरसा के पुलिस अधीक्षक एवं सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
डीआईजी ने थाना में लंबित कांडों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अगले माह के लिए लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया। थाना में पदस्थापित सभी अनुसंधानकर्ताओं को प्रत्येक माह कम-से-कम 10 कांडों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। अनुसंधान की गुणवत्ता के साथ-साथ मामलों के समयबद्ध निष्पादन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और पुलिस व्यवस्था के प्रति आम लोगों का विश्वास मजबूत हो। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने सौरबाजार थाना भवन और परिसर में स्थित अन्य पुलिस भवनों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने थाना परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा सरकारी अभिलेखों एवं दस्तावेजों के उचित रखरखाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके अलावा थाना में कार्यरत पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के कार्यों की समीक्षा कर उन्हें अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने को कहा गया। डीआईजी ने पुलिस अधिकारियों को अनुसंधान में तेजी लाने और लंबित मामलों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया।
उन्होंने पुलिसकर्मियों को आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनने तथा शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही, आम लोगों के साथ बेहतर समन्वय और व्यवहार बनाए रखने की बात कही।
डीआईजी के निरीक्षण को सौरबाजार थाना में लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, अभिलेखों के बेहतर रखरखाव और पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।