तरारी । तरारी प्रखंड मुख्यालय के तरारी गांव मे वार्ड सं. 1,2 और 3 के कई घरों में चप्पाकलें सूख गये। वहीं पीएचईडी की नलजल योजना से पानी भी आज तक किसी के घरों में नहीं टपका भीषण गर्मी में एक बुंद पानी भी किसी को नसीब नहीं हुई। पीने व नहाने के लिए पास के मुहल्ले और वार्डों से पानी ढोते- ढोते दर्जनों परिवार तबाह है।घरों पानी के लिए समय कुसमय दूसरे को आते देख पडोसी भी फजिहत झेलने को बाध्य है।आर्थिक रुप से सम्पन्न कईयों ने अपने कलों में समरसेबुल और सिलेंडर लगा कुछ हद तक पानी की समस्या दूर किया है।लेकिन अर्थिक कमजोर ग्रामीण समस्या से जूझने को मजबूर हैं।अमरदयाल मेहता,गेहुमन पासवान ,राममुनी साह, धर्मवीर रजक,अखिलेश सिंह और अशोक साह ने बताया कि दो तीन वर्षों से गर्मी के दिन आते हीं मुहल्ले के कई लोगों की चप्पाकलें जबाब दे जाते है।स्थानीय अधिकारियों से बार बार गुहार लगाये जाने के बावजूद भी समस्या को नजरअंदाज कर दिया जा रहा है।(तरारी के तीन वार्डों तरारी के तीन वार्डों)
तरारी के तीन वार्डों का चप्पाकलें सूखा,पीएचईडी के नलजल भी हवाहवाई
तरारी । तरारी प्रखंड मुख्यालय के तरारी गांव मे वार्ड सं. 1,2 और 3 के कई घरों में चप्पाकलें सूख गये। वहीं पीएचईडी की नलजल योजना से पानी भी आज तक किसी के घरों में नहीं टपका भीषण गर्मी में एक बुंद पानी भी किसी को नसीब नहीं हुई। पीने व नहाने क
वहीं दसकों पूर्व में लाखो रुपये खर्च कर प्रखंड परिसर में पीएचईडी की जल मीनार और कार्यालय निर्माण कराया गया है।पीएचईडी के जिम्मे हीं तरारी गांव के पांच वार्डों में नलजल योजना के तहत शुद्ध पेय जल पहूंचाना है।लेकिन आज तक वार्ड 1,2 3 और 9 में एक बुंद पानी किसी को नसीब नहीं हुई है। पीएचईडी के जेई द्वारा मई माह से हीं टालमटोल किया जा रहा है।बाध्य होकर ग्रामीणों ने भोजपुर डीडीसी से भी दूरभाष द्वारा पानी संकट की जानकारी दी गई। गांव में मुख्य सर्वजनिक स्थलों पर दर्जनों सरकारी कलें भी कई महिनों से खराब पडी है।लेकिन अब तक अधिकारियों ने मरम्मत के लिए कोई पहल नहीं की है।