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सासाराम : शिक्षक का मुंह काला कर पहनाया जूतों का माला

सासाराम : शिवसागर प्रखण्ड अंतर्गत थनुवा मध्य विद्यालय में एक शिक्षक मृतुन्जय कुमार गुप्ता के योगदान को लेकर ग्रामीणों द्वारा विरोध का मामला गरमाया रहा। ग्रामीणों ने पूर्व में उनकी छवि को लेकर जोरदार विरोध किया और योगदान देने से वंचित रखा। ग

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
10 सितंबर 2022, 07:40 PM IST (10 सितंबर 2022) अपडेट: 12 अक्टूबर 2026, 01:55 AM IST
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सासाराम : शिवसागर प्रखण्ड अंतर्गत थनुवा मध्य विद्यालय में एक शिक्षक मृतुन्जय कुमार गुप्ता के योगदान को लेकर ग्रामीणों द्वारा विरोध का मामला गरमाया रहा। ग्रामीणों ने पूर्व में उनकी छवि को लेकर जोरदार विरोध किया और योगदान देने से वंचित रखा। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में उक्त शिक्षक द्वारा एक महिला को लेकर भगाने का मामला भी प्रकाश में आया है और उक्त महिला की मृत्यु 2021 मे संदेहास्पद स्थिति मे भी होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया। इस दौरान ग्रामीणों ने शिक्षक के मुँह पर कालिख लगा  जूतों का माला पहना कर अपना विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षक चार साल पहले फरवरी 2018 में मैटिक परीक्षा के दौरान योगदान देने के क्रम मे गायब रहा। इस बीच स्कूल प्रबंधन की तरफ से उसके गैरहाजिर रहने की शिकायत स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से की गईं थी। लेकिन चार साल बाद शिकायत के वावजूद उसे योगदान देने की अनुमति दी गई।(शिक्षक का मुंह काला कर)

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ग्रामीणों ने कहा कि कुछ दिन पहले इसे देखे जाने और योगदान करने के लिए विभाग का चक्कर लगाने को लेकर 7 जूलाई को स्थानीय ग्रामीणों द्वारा शिकायत दर्ज कराया गया था। लेकिन एक शिक्षक के आचरणहीन स्वभाव को दरकिनार कर इसे योगदान की अनुमति दी गईं जो सरासर सिस्टम पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। ग्रामीणों ने कहा कि पता नही किस दबाव में संबंधित विभाग द्वारा योगदान की अनुमति दी गई। कुछ अविभावकों ने कहा कि उनकी लड़कियां इस स्कूल मे पड़ती है इसलिए ऐसे आचरण वाले शिक्षक को किसी हाल में योगदान नही लेने दिया जाएगा। उन्होने कहा कि उसके आचरण की गवाह सैकड़ो ग्रामीणों के अलावा पीड़ित महिला का परिवार भी है। विभाग पूरी तसल्ली से इस संबंध मे जांच कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस योगदान को लेकर लाखो रुपये शिक्षक द्वारा खर्च किये गए है जो जांच का विषय है। वही स्कूल के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार सिंह ने शिक्षक के अनुपस्थित होने की खबर पहले ही संबंधित विभाग को दी थी। उन्होंने बताया की 31 मार्च 2018 को शिक्षा पदाधिकारी शिवसागर और 28 नवम्बर 2018 को तत्कालीन बीडीओ को शिक्षक के गायब होने को लेकर शिकायत दर्ज की गयी है। वही 12 जुलाई 2022 को वर्तमान बीडीओ को ग्रामीणों द्वारा गलत मेडिकल बना कर योगदान लेने की शिकायत दर्ज की गई है। वही अवकाश पर गये प्रखंड विकास पदाधिकारी रोहित कुमार मिश्रा से बातचीत नही होने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कलीमुद्दीन अंसारी से इस संबंध मे बातचीत की गई तो उन्होने कहा कि इस योगदान और  घटना की उन्हें कोई जानकारी नही है। उन्होने कहा कि उन्हें योगदान की कोई जानकारी नही है।(शिक्षक का मुंह काला कर)

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