आरा/भोजपुर। भोजपुर जिले के आरा शहर में गुरुवार की सुबह अपराधियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात शहर के जैन कॉलेज के पास हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने रामकुमार सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और उन्हें छह से सात गोलियां मारे जाने की बात सामने आ रही है। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
सुबह के समय शहर के प्रमुख इलाके में हुई हत्या की इस वारदात से आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई। गोलियों की आवाज सुनकर स्थानीय लोग सहम गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हत्या की खबर फैलने के बाद रामकुमार सिंह के परिचितों, परिजनों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों में शोक और आक्रोश का माहौल है।
रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे रामकुमार सिंह
जानकारी के अनुसार, रामकुमार सिंह रोजाना सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकलते थे। उनका टहलने का रास्ता भी लगभग तय था। बताया जाता है कि वे जैन कॉलेज के पास से होते हुए रमना मैदान की ओर जाते थे।
गुरुवार की सुबह भी वे अपनी नियमित दिनचर्या के अनुसार टहलने निकले थे। इसी दौरान जैन कॉलेज के सामने अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया और फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद हमलावर तेजी से मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है। जांच के दौरान इस बात का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमलावरों को रामकुमार सिंह की रोजाना की दिनचर्या और उनके आने-जाने के रास्ते की जानकारी थी या नहीं। हालांकि, वारदात से पहले रेकी किए जाने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कस्टम विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक गतिविधियों में थे सक्रिय
रामकुमार सिंह कस्टम विभाग में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सामाजिक गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। वे रोटरी क्लब के पूर्व सचिव रह चुके थे और वर्तमान में भी क्लब के सदस्य बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा वे क्षत्रिय कल्याण संगठन से भी जुड़े हुए थे और संगठन के भोजपुर जिलाध्यक्ष के रूप में सक्रिय थे। उनकी हत्या की खबर के बाद सामाजिक क्षेत्र में भी शोक का माहौल है।
हालांकि, उनकी सामाजिक गतिविधियों या किसी संगठन से जुड़े होने का हत्या से कोई संबंध है या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
जमीन विवाद में हत्या की आशंका
प्रारंभिक जानकारी में रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जमीन विवाद समेत अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रामकुमार सिंह का किन लोगों से जमीन को लेकर विवाद था और क्या हाल के दिनों में उन्हें किसी प्रकार की धमकी मिली थी। इसके साथ ही पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश पहले से तैयार की गई थी या वारदात अचानक हुई।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि अपराधियों को उनकी नियमित दिनचर्या की जानकारी कैसे थी और हत्या के पीछे जमीन विवाद के अलावा कोई अन्य कारण तो नहीं है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, एक आरोपी हिरासत में
घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में कितने अपराधी शामिल थे, वे किस रास्ते से आए थे और हत्या के बाद किस दिशा में फरार हुए।
भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई कर रही है।
एसपी ने पुलिस की संभावित मिलीभगत के सवाल पर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी थाना प्रभारी या पुलिसकर्मी की इस मामले में संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, फिलहाल किसी पुलिसकर्मी की मिलीभगत की पुष्टि नहीं हुई है।
हत्या के विरोध में 4-5 घंटे सड़क जाम
रामकुमार सिंह की हत्या के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। करीब चार से पांच घंटे तक सड़क जाम रहने के कारण आवागमन प्रभावित रहा।
आक्रोशित लोग हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और पूरे मामले का खुलासा करने की मांग कर रहे थे। सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने लोगों को मामले में उचित कार्रवाई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसपी के आश्वासन के बाद लोगों ने सड़क जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
पुलिस के सामने कई सवाल
रामकुमार सिंह की हत्या के बाद पुलिस के सामने कई सवाल हैं। हत्या की वजह क्या थी? क्या जमीन विवाद ही हत्या का कारण है? क्या अपराधियों को रामकुमार सिंह की नियमित मॉर्निंग वॉक की जानकारी पहले से थी? वारदात में कितने लोग शामिल थे और हत्या के बाद वे किस रास्ते से फरार हुए?
पुलिस इन सभी सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है। फिलहाल एक आरोपी हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस जमीन विवाद समेत हत्या के अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।
आरा शहर के प्रमुख इलाके में सुबह-सुबह हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। मॉर्निंग वॉक पर निकले एक सेवानिवृत्त अधिकारी की गोली मारकर हत्या के बाद स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। अब लोगों की नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई और हत्याकांड के खुलासे पर टिकी है।