सासाराम। सासाराम सदर अस्पताल में इलाजरत 52 वर्षीय एक मरीज पिछले 3 दिनों से लापता है। मरीज की पत्नी पिछले 3 दिनों से अपने पति की तलाश कर रही है परंतु इलाजरत पति का कोई अता पता नहीं चल पा रहा है और ना ही स्वास्थ्य विभाग उक्त महिला की मदद कर पा रही है। बता की डेहरी पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी मधु देवी अपने पति सोना राय को किडनी सहित अन्य कुछ बीमारियां थी इसको लेकर डिहरी के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया था। परंतु वहां के डॉक्टरों ने उन्हें सदर अस्पताल सासाराम रेफेर कर दिया। पत्नी मंजू देवी ने पति इलाज कराने के लिए सासाराम सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में 3 नवंबर को भर्ती कराया था। ट्रामा सेंटर में इलाज के बाद उक्त मरीज को सदर अस्पताल के नशा मुक्ति वार्ड में भर्ती कर दिया गया। शनिवार की सुबह डॉक्टरों ने मरीज का जांच भी किया। लगभग 11 बजे के आसपास मरीज की पत्नी पानी लाने के लिए बाहर गई और कुछ देर के बाद वार्ड में पहुंची तो उसके पति वहां से गायब मिले।( सदर अस्पताल में इलाजरत )
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महिला ने अपने पति को हर जगह ढूंढने का प्रयास किया लेकिन उनका कोई अता पता नहीं चल पाया। पत्नी ने बताया कि पति इस हालात में थे कि वह चल फिर भी नहीं सकते थे लेकिन वह कैसे गायब हो गए इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि गार्ड से पूछे जाने के बाद भी लोगों ने कुछ नहीं बताया। पीड़ित महिला ने बताया की वो सदर अस्पताल का कोना कोना छान मारी इसके अलावा आसपास के इलाकों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तक ढूंढ लिया परंतु उनका अता पता नही चल पाया। मरीज की पत्नी पिछले तीन दिनों से पागलों की तरह अपने पति को खोज रही है लेकिन उनका कुछ अता पता नहीं चल पाया है। इसको लेकर मरीज की पत्नी ने सिविल सर्जन से भी मुलाकात किया लेकिन विभाग ने भी उसका मदद नहीं किया। पीड़ित महिला ने बताया कि पति की गुमशुदगी को लेकर सासाराम नगर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई है लेकिन पुलिस के द्वारा भी कोई सूचना नहीं मिली है। वही महिला ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की लापरवाही की वजह से उनके पति अस्पताल से गायब हो गए हैं। महिला ने बताया कि जब पति पूरी तरह से चलने में असमर्थ हैं और वह बेड पर पड़े हुए थे तब वह कैसे बाहर निकल सकते हैं और जब बाहर निकले तो वहां मौजूद गार्ड ने भी क्यों नहीं रोका।( सदर अस्पताल में इलाजरत )
साथ ही मिला ने बताया कि अस्पताल में जांच का भी कोई सुविधा नहीं है। डॉक्टर बाहर से जांच करने के लिए भेजते हैं। ऐसे में अकेली महिला को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वही रोहतास सिविल सर्जन डॉक्टर के एन तिवारी ने बताया कि भर्ती मरीज का दिमागी संतुलन ठीक नहीं था और उसी का इलाज भी चल रहा था। इसी दौरान मरीज कहां चला गया, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के सभी कर्मियों को भी इसकी सूचना दे दी गई है की इस तरह का कोई व्यक्ति दिखे तो तुरंत सूचित करें। साथ ही साथ मरीज के साथ आई महिला को भी सलाह दिया गया कि आसपास के इलाके या नजदीकी रिश्तेदारों से संपर्क करके जानकारी ले लें।( सदर अस्पताल में इलाजरत )