औरंगाबाद:- 24 जनवरी को दोषी करार हुए दो अभियुक्तों को जिला जज रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने सजा के बिंदुओं पर सुनवाई करने के दौरान भादंवि धारा 302/34 में सश्रम आजीवन कारावास तथा पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नही देने पर अभियुक्तों को एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास होगी। वहीं भादंवि धारा 323/34 में एक साल की सजा एवं एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नही देने पर अभियुक्तों को एक माह की अतिरिक्त कारावास होगी। बताया गया की अभियुक्तों पर यह दोनों सजाएं साथ साथ चलेंगी। गौरतलब हो की व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के जिला जज रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने सत्रवाद संख्या 143/21 ,उपहारा थाना कांड संख्या 61/20 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए दो काराधिन हत्यारोपी को भादंवि धारा 323/34,302/34 में दोषी करार दिया गया था। मामले में सतीश कुमार स्नेही द्वारा बताया गया कि दोनों अभियुक्त पिछले दो वर्ष दो माह से जेल में बंद हैं। अधिवक्ता द्वारा बताया गया की यह प्राथमिकी मृतक के पिता रामाधार साव मेहंदीपुर उपहारा ने दिनांक 03/09/20 को दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि उनके पुत्र का मोबाइल गोबिंद राम ने छिपा दिया था। जिसे मांगने पर उनके पुत्र से दो हजार की मांग की गई। जिसपर मेरे पुत्र और गोविंद राम के बीच बहस हुई। जिसके बाद गोविंद राम ने अन्य अभियुक्तों के साथ रात में सुचक के घर लाठी, डंडे एवं बेंत से हमला कर दिया और सूचक के पुत्र के सिर पर वार कर लहुलुहान कर दिया। बताया गया की इलाज के क्रम में सूचक के पुत्र की मृत्यु हो गई थी।
हत्या मामले में दोषी करार हुए दो अभियुक्तों को कोर्ट ने दी सश्रम आजीवन कारावास की सजा
औरंगाबाद:- 24 जनवरी को दोषी करार हुए दो अभियुक्तों को जिला जज रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने सजा के बिंदुओं पर सुनवाई करने के दौरान भादंवि धारा 302/34 में सश्रम आजीवन कारावास तथा पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नही देने पर