शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   रामगढ़ में होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रायल दौड़ जारी, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे युवा   •   देव में कबाड़खानों के संचालन पर सवाल, लाइसेंस और एनओसी को लेकर उठे सवाल   •   आरा में मॉर्निंग वॉक पर रिटायर कस्टम अधिकारी की हत्या, एक आरोपी हिरासत में   •   मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   रामगढ़ में होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रायल दौड़ जारी, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे युवा   •   देव में कबाड़खानों के संचालन पर सवाल, लाइसेंस और एनओसी को लेकर उठे सवाल   •   आरा में मॉर्निंग वॉक पर रिटायर कस्टम अधिकारी की हत्या, एक आरोपी हिरासत में   •  

पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रत्याशियों में छा गई मायूसी

नोखा। नगर परिषद नोखा का चुनाव के स्थगन को लेकर प्रत्याशियों में ऊहापोह की स्थिति बन गई है. बताते चलें कि पटना उच्च न्यायालय के द्वारा नगर परिषद चुनाव स्थगन आदेश के बाद अचानक चुनाव प्रक्रिया स्थगित हो गई है प्रचार प्रसार कर रहे मुख्य पार्षद

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
6 अक्टूबर 2022, 03:38 PM IST (6 अक्टूबर 2022) अपडेट: 22 सितंबर 2026, 06:34 AM IST
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook
नोखा। नगर परिषद नोखा का चुनाव के स्थगन को लेकर प्रत्याशियों में ऊहापोह की स्थिति बन गई है. बताते चलें कि पटना उच्च न्यायालय के द्वारा नगर परिषद चुनाव स्थगन आदेश के बाद अचानक चुनाव प्रक्रिया स्थगित हो गई है प्रचार प्रसार कर रहे मुख्य पार्षद उप मुख्य पार्षद वार्ड पार्षद प्रत्याशी अपनी पूरी ताकत प्रचार पर झोंक चुके थे अब केवल चुनाव के पांच दिन शेष बचे थे तभी पटना उच्च न्यायालय का अचानक फैसला आने के बाद प्रत्याशियों में मायूसी छा गई नोखा नगर परिषद में कुल मुख्य पार्षद पद के लिए 17 उप मुख्य पार्षद पद के लिए 19 वार्ड पार्षद पद के लिए कुल 25 वार्ड में 120 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए थे अचानक चुनावी प्रक्रिया बाधित होने से कई प्रत्याशियों के होश उड़ गए हैं चुनाव में खर्च बढ़ने के कारण अब कई प्रत्याशी आर्थिक रूप से दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गए हैं हालांकि चुनाव का आदेश कब होगा इसको लेकर उवापोह बना हुआ है अचानक बाजार में चुनाव प्रचार बंद होने से उदासी की लहर देखी जा रही है।
हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें।