( ब्यूरो समस्तीपुर ):- जिले भर में आये दिन मुख्य मार्गों की सड़कें दिन प्रतिदिन सिकुड़ती ही चली जा रही हैं । जबकि जनसंख्या का घनत्व एवं वाहनों की बढ़ती संख्या नित्य नया आयाम की ओर बढ़ रहा हैं । सड़कों पर वाहनो की कतार है जिससे सड़कों पर भारी दवाब रहा करती है । उसके बाबजूद बाजार के व्यवसायी वर्ग के लोग अपने अपने समान को भाड़ी वाहन से मुख्य मार्ग के हटकर अपने गोदामों लोडिंग अनलोडिंग नहीं सकते लेकिन प्रशासन को खुला चुनौती देते हुए मुख्य मार्ग पर बड़ी वाहन को घंटों दुकान के सामने खड़ी करवाकर लोडिंग अनलोडिंग प्रशासन के नाक तले करते रहते हैं । जिससे आमजनों एवं सड़क से गुजरने वाले वाहनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है , कभी कभी तो ऐसा भी सुनने को मिलता है कि सड़क से गुजरने वाली वाहन व्यवसायी के दुकान के आगे लगे भाड़ी वाहन के कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन आमने सामने से टकराकर दुर्घटना ग्रस्त भी हो जाया करती है । बाबजूद बाजार क्षेत्र में इस ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है । जिसको लेकर आये दिन प्रखण्ड स्तर के बाजार क्षेत्र से वाहन को निकलने में काफी कठिनाई हो रही हैं । जिसका खास वजह यह भी है कि सड़क के किनारे प्रशासन के नाक तले समाज सुधारक कहे जाने वाले रसूखदार ही सरकारी जमीन को कब्जा कर अपना मालकिना हक जता कर अट्टालिका भवन स्थापित कर अतिक्रमण किए हुए हैं । जिससे सड़कों पर नित्य हो रही दुर्घटनाओं कारण बाजार के व्यवसायियों के द्वारा सड़क की अतिक्रमित करना भी सिकुड़ती सड़क भी एक प्रमुख कारण है । बताते चलें कि आम जनता , राजनेता , एवं प्रशासनिक महकमा भी इस समस्या से मर्माहत हैं । लेकिन “बिल्ली के गले में कौन घंटी बंधेगा “बाली लोकोक्ती चरितार्थ हो रही है समस्तीपुर जिला भर में.. । पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर 1990 के दशक में बिहार की सड़को को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था । लेकिन अब जब बिहार की जनसांख्या दस करोड़ को पार कर गयी तो फिर दो दशक पूर्व की समस्या सामने खड़ा हो गया है । और तो और आम जनता एवं बीमार लोगों को अस्पताल तक ले जाने वाली एम्बुलेंस सही समय पर नहीं पहुंच पाती है जिस कारण कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं ? आम जनता की समस्या को सामर्थ्यवान लोग नहीं देखेंगे तो कौन देखेगा? समाज का हर कोई सिकुड़ती सड़क एवं ट्रेफिक की समस्या से आहत है । पर हर कोई एक दूसरे को दोषी ठहरा कर पल्ला झाड़ लेते हैं । अतिक्रमण मुक्त सड़क रखने की जिम्मेदारी सिर्फ़ प्रशासन की ही नहीं हम सब की भी है । लेकिन समय समय पर राज्य सरकार एवं प्रशासन की भी जिम्मेदारी बनती है कि सड़क ट्रेफ़िक व्यवस्था को ठीक रखने के लिये कोई ठोस कदम उठाने पड़े तो चूकना नहीं चाहिए ।
जिलाभर के सड़कें दिन प्रतिदिन सिकुड़ती चली जा रही है प्रशासन का कोई ध्यान नहीं
( ब्यूरो समस्तीपुर ):- जिले भर में आये दिन मुख्य मार्गों की सड़कें दिन प्रतिदिन सिकुड़ती ही चली जा रही हैं । जबकि जनसंख्या का घनत्व एवं वाहनों की बढ़ती संख्या नित्य नया आयाम की ओर बढ़ रहा हैं । सड़कों पर वाहनो की कतार है जिससे सड़कों पर भ