शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   रामगढ़ में होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रायल दौड़ जारी, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे युवा   •   देव में कबाड़खानों के संचालन पर सवाल, लाइसेंस और एनओसी को लेकर उठे सवाल   •   आरा में मॉर्निंग वॉक पर रिटायर कस्टम अधिकारी की हत्या, एक आरोपी हिरासत में   •   मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   रामगढ़ में होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रायल दौड़ जारी, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे युवा   •   देव में कबाड़खानों के संचालन पर सवाल, लाइसेंस और एनओसी को लेकर उठे सवाल   •   आरा में मॉर्निंग वॉक पर रिटायर कस्टम अधिकारी की हत्या, एक आरोपी हिरासत में   •  
क्राइम बिहार ब्रेकिंग न्यूज़

सुपौल DTO कार्यालय में निगरानी की छापेमारी, 15 हजार रुपये रिश्वत लेते डेटा ऑपरेटर गिरफ्तार

दिल्ली नंबर की कार को बिहार नंबर में ट्रांसफर कराने के एवज में रिश्वत लेने का आरोप, शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई

M
Media Darshan संवाददाता, Media Darshan
25 सितंबर 2026, 10:27 AM IST (25 सितंबर 2026) अपडेट: 28 सितंबर 2026, 10:27 PM IST
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook
मीडिया दर्शन/सुपौल, लालबहादुर। सुपौल जिला मुख्यालय स्थित जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में गुरुवार दोपहर निगरानी विभाग की टीम ने कार्रवाई की। करीब 12 बजे कार्यालय पहुंची टीम ने अंदर जाकर जांच शुरू की। अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया।

निगरानी टीम ने DTO कार्यालय में कार्यरत डेटा ऑपरेटर नंदलाल कुमार को कथित तौर पर 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई मो. अजहर अली की शिकायत के आधार पर की गई।

कार ट्रांसफर के एवज में रिश्वत लेने का आरोप

बताया गया कि दिल्ली नंबर की वैगनआर कार को बिहार नंबर में ट्रांसफर कराने के एवज में डेटा ऑपरेटर द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच के बाद निगरानी विभाग की टीम गुरुवार को DTO कार्यालय पहुंची और कार्रवाई की।

हालांकि, मामले में रिश्वत की मांग और गिरफ्तारी से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी निगरानी विभाग की ओर से जारी बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कार्यालय में दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच

कार्रवाई के दौरान निगरानी टीम ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच की। अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

अचानक हुई छापेमारी के बाद कार्यालय परिसर में लोगों की आवाजाही बढ़ गई। कार्रवाई को लेकर कर्मचारियों और आम लोगों के बीच भी चर्चा होती रही।

निगरानी विभाग की कार्रवाई पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले में दर्ज आरोप, बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।