सासाराम। 2025 तक कुष्ठ रोग को जड़ से मिटाने को लेकर सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके लिए कई कार्यक्रमों का भी संचालन किया जा रहा है। , ताकि कुष्ठ उन्मूलन अभियान चलाकर लोगों में कुष्ठ के लक्षण एवं उससे पीड़ित लोगों की पहचान करके उन्हें ससमय उपचार मुहैया कराया जाए और इस रोग को आगे बढ़ने से रोका जाए। जिससे निर्धारित समय तक देश से कुष्ठ बीमारी को जड़ से मिटाया जा सके। इसी उद्देश्य से 8 से लेकर 17 अक्टूबर तक चलाए गए कुष्ठ रोगी खोजी अभियान का अप्रत्याशित लाभ रोहतास जिले में देखने को मिला। अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में पांच हज़ार के आसपास कर्मी लगाए गए थे। जिसमें आशा कर्मियों के अलावा अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल थे। इस विशेष अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में स्थित सभी घरों में आशा कर्मी पहुंचकर कुष्ठ रोग के लक्षण, पहचान कर चिह्नित कर रही थी।(कुष्ट रोगी खोजी अभियान)
जिले में 1073 लोग पाए गए कुष्ठ रोग के लक्षण वाले लोग
जिला कुष्ठ उन्मूलन केंद्र में कार्यरत वीर कुमार ने बताया कि 8 से 17 अक्टूबर तक चलाए गए कुष्ठ रोगी खोजी अभियान के दौरान जिले में कुल 3 लाख 90 हज़ार 364 घरों में 18 लाख 69 हज़ार 39 लोगों की जांच की गयी। इस जांच के दौरान कुल 1073 ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया जिसमें कुष्ठ के लक्षण मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि सभी चयनित किए गए व्यक्तियों को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष जांच की जाएगी । इस दौरान पूर्ण रूप से कुष्ठ से पीड़ित लोगों की पहचान की जाएगी। कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों का इलाज किया जाएगा। साथ ही साथ आसपास की घरों में मौजूद लोगों को एमडीटी की खुराक दी जाएगी। वहीं कुष्ठ उन्मूलन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार जिले के चेनारी प्रखंड में सर्वाधिक 142 लोगों में कुष्ठ रोग के लक्षण पाए गए, जबकि बिक्रमगंज में 139, नौहट्टा में 104, काराकाट में 79, तिलौथू में 75, दिनारा में 69, डेहरी में 68, राजपुर में 61, सासाराम में 47, शिवसागर में 46, करगहर में 44, कोचस में 37, कोचस में 35, दावथ में 34, अकोढ़ीगोला में 32, सूर्यपुरा में 16, नासरीगंज में 16, रोहतास में 24 एवं संझौली में 15 लोगों में ग कुष्ठ के लक्षण पाए गए।(कुष्ट रोगी खोजी अभियान)
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कुष्ठ बीमारी समाप्ति की राह पर
जिला महामारी रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ प्रिय मोहन सहाय ने बताया कि जिले में जिस तरह से विशेष अभियान चलाकर कुष्ठ पीड़ित लोगों की जानकारी ली गई उससे आने वाले समय में कुष्ठ उन्मूलन अभियान में गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि पोलियो की तरह कुष्ठ बीमारी भी अब देश से समाप्ति की राह पर है। डॉ सहाय ने बताया कि अभियान को सफल बनाने में रोहतास जिले के सभी कर्मियों ने अपना बेहतर योगदान दिया, जिसका नतीजा यह निकला कि इन 10 दिनों में 19 लाख के आसपास लोगों की जांच की गई ।(कुष्ट रोगी खोजी अभियान)