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रोहतास: पदाधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर कर चिट्ठी निर्गत करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज

रोहतास: अपने कारनामों के लिए बदनाम आइसीडीसी सासाराम के मामले आगे बढ़ने लगे हैं और इस तरह से ऊंट पहाड़ के नीचे आता दिख रहा है. डीएम के आदेश के बाद डीपीओ आइसीडीसी ने तत्कालीन प्रधान लिपिक अशोक रजक के विरूद्ध पदाधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर कर चिट्

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
30 अप्रैल 2022, 02:03 PM IST (30 अप्रैल 2022) अपडेट: 17 अक्टूबर 2026, 05:31 AM IST
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रोहतास: अपने कारनामों के लिए बदनाम आइसीडीसी सासाराम के मामले आगे बढ़ने लगे हैं और इस तरह से ऊंट पहाड़ के नीचे आता दिख रहा है. डीएम के आदेश के बाद डीपीओ आइसीडीसी ने तत्कालीन प्रधान लिपिक अशोक रजक के विरूद्ध पदाधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर कर चिट्ठी निर्गत करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करा दी है. प्राथमिकी दर्ज होते ही आइसीडीसी विभाग में हड़कंप मच गया है. प्राथमिकी की पुष्टि करते हुए नगर इंस्पेक्टर संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कार्रवाई शुरू हो गयी है. उन्होंने कहा कि वरीय पदाधिकारी से आदेश प्राप्त किया जा रहा है.(रोहतास: पदाधिकारी का फर्जी)

बता दें कि आइसीडीससी विभाग के तत्कालीन लिपिक अशोक कुमार रजक ने प्रभार में तैनात तत्कालीन समाजिक सुरक्षा कोषांग के निदेशक अशोक कुमार चैधरी का हस्ताक्षर बना कर सेविका नियुक्ति पत्र जारी कर दिया था. बाद में जब इसका खुलासा हुआ तो जांच पड़ताल का लंबा दौर चला जांच में सच्चाई सामने आ गयी तब जिलाधिकारी ने बगैर निलंबित किए हुए यहां से स्थानांतरित कर दिया और उनके विरूद्ध प्रपत्र की कार्रवाई कर कोरम पूरा कर दिया था लेकिन मामला आगे बढ़ा और दबाव में आकर जिलाधिकारी को अंततः अशोक कुमार रजक को निलंबित करने का प्रस्ताव भेजना पड़ा तथा फर्जी हस्ताक्षर करने पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देना पड़ा.(रोहतास: पदाधिकारी का फर्जी)

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