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जानिए क्यों खास है डॉक्टर प्रभात मेमोरियल हीरामती हॉस्पिटल

बिहार ही नहीं देश के टॉप हृदय रोग विशेषज्ञों में शुमार रहे डॉक्टर प्रभात कुमार का नाम आप जरुर जानते होंगे। कोविड के दूसरे दौर के दौरान उनका निधन हो गया उनके निधन के बाद उनसे प्रेरणा प्राप्त करने वाले एम्स के युवा चिकित्सकों की टोली ने पटना

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
21 अगस्त 2023, 09:25 PM IST (21 अगस्त 2023) अपडेट: 1 अक्टूबर 2026, 01:49 PM IST
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बिहार ही नहीं देश के टॉप हृदय रोग विशेषज्ञों में शुमार रहे डॉक्टर प्रभात कुमार का नाम आप जरुर जानते होंगे। कोविड के दूसरे दौर के दौरान उनका निधन हो गया उनके निधन के बाद उनसे प्रेरणा प्राप्त करने वाले एम्स के युवा चिकित्सकों की टोली ने पटना में उनके स्मृति में डॉ प्रभात मेमोरियल हीरामती हॉस्पिटल की शुरुआत राजेंद्र नगर रोड नंबर 2 में की है। यह बिहार का पहला इमरजेंसी ट्रामा और क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल है।                                                      डॉ प्रभात मेमोरियल हीरामती हॉस्पिटल के इमरजेंसी ट्रामा और क्रिटिकल केयर के मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉक्टर सतीश कुमार सिंह कहते हैं कि जीवन में मेडिकल इमरजेंसी बचपन से ही आ जाती है जन्म के साथ ही बच्चों को जो परेशानी होती है उसे न्यूनतल इमरजेंसी कहते हैं उन्होंने कहा कि उनके अस्पताल में न्यूनतम आईसीयू पीडीएफ ट्रक आईसीयू जिसे आसान शब्दों में पिक भी कहते हैं इसके लिए 10 बेड बनाए गए हैं वहीं दीदीकेटेड ओटी लेबर रूम महिलाओं की अन्य जटिल समस्याओं के लिए भी आईसीयू उपलब्ध है कार्डियक इमरजेंसी के दौरान शुरुआत के क्वेश्चन बहुत ही बहुमूल्य होते हैं उन क्षणों में अगर सही समय पर मरीजों को अस्पताल लाया जाए तो उनकी जान अवश्य बचाई जा सकती है

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कार्डियक इमरजेंसी हेतु अस्पताल में वर्ल्ड क्लास कैथ लैब कट सूट्स ब्रेन स्ट्रोक इमरजेंसी के लिए भी कैश लैब में मौजूद है न्यूरोलॉजिकल इंटरवेंशन के दौरान इन कैट लैब में मरीज की हर समस्या का त्वरित इलाज उपलब्ध है ब्रेन हेमरेज मेडिकल इंटरवेंशन न्यूरोलॉजिकल इंटरवेंशन के लिए अस्पताल में डेडीकेटेड स्ट्रोक टीम व मॉड्यूलर की सुविधा भी उपलब्ध है हाल के दिनों में बढ़ते प्रदूषण की वजह से अस्थमा सीपीयू डी के लिए भी यहां 45 डेडीकेटेड आईसीयू वेंटीलेटर उपलब्ध है अगर बात सर्जिकल इमरजेंसी की की जाए तो रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट के दौरान जो कि ड्रामा का ही एक रूप है इसके लिए भी एम्स दिल्ली से प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम यहां कम कर रही है। एमरजैंसी मेडिसिन के एम्स दिल्ली के तीन चिकित्सक डॉक्टर सतीश कुमार सिंह डॉक्टर अतुल तिवारी डॉक्टर घनश्याम यहां मौजूद है डॉ सतीश कहते हैं कि डॉ प्रभात में मोरल हीरा मोती हॉस्पिटल का निर्माण ही सदस्य से किया गया है                                                                               कि इमरजेंसी ट्रामा और क्रिटिकल केयर के दौरान यहां लोगों की उसे गोल्डन टाइम का भरपूर उपयोग करके जान बचाई जा सके अस्पताल में दो लोग हमेशा ही इमरजेंसी ट्रामा में ऑन फ्लोर मौजूद रहते हैं मेडिकल अफसर की टीम हमेशा यहां घूमते रहती है अब तक यहां 1000 से ज्यादा मरीज ठीक होकर जा चुके हैं यहां फिजिकली प्रजेंट होकर डॉक्टर द्वारा मरीज की देखभाल की जाती है डॉक्टर प्रभात मेमोरियल हीरा मोती हॉस्पिटल का शुभारंभ 4 दिसंबर 2022 को एम्स के पूर्व निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया डॉक्टर एमसी मिश्रा के नेतृत्व में किया गया। हॉस्पिटल के प्रबंधन से जुड़े अजीत सिंह कहते हैं कि हॉस्पिटल में डॉ सतीश कुमार सिंह डॉ अभिनव आनंद डॉक्टर अभिषेक जैसे चिकित्सक मौजूद है। राजधानी पटना में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों का आर्थिक और मानसिक शोषण रोकने के लिए इस अस्पताल मेंअत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 10 बेड का बीपीएल वार्ड भी बनाया गया है जहां एक न्यूनतम दर पर मरीजों को रखने की व्यवस्था है।                                                                            डॉक्टर सतीश कुमार सिंह कहते हैं इस हॉस्पिटल को खोलने के पीछे मुख्य मकसद डॉक्टर प्रभात कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करना है यह उनका सपना था वे चाहते थे कि पटना में कैसा से आधुनिक हॉस्पिटल हो जहां आम आदमी से लेकर खास आदमी का एक छत के नीचे इलाज हो जहां सभी रोगों के विशेषज्ञ मौजूद हो उनका यह सपना उनके जीते जी तो पूरा नहीं हो पाया पर उन्हें एक सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में हम लोगों ने इसे पूरा करने की कोशिश की है और जिस प्रकार लोगों का आपस में मिल रहा है उससे लगता है कि हम अपने मकसद की तरफ तेजी से अग्रसर हो रहे हैं।