शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
वीनू मांकड़ ट्रॉफी: बिहार U19 ने हरियाणा को 19 रन से हराया, अनमोल ने बनाए 184 रन   •   मसौढ़ी में गरजे अनंत सिंह, बोले- ‘अहंकारी का घमंड इस बार टूटेगा’   •   मसौढ़ी में दुर्गापूजा को लेकर शांति समिति की बैठक, पटना पुलिस अलर्ट   •   मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   वीनू मांकड़ ट्रॉफी: बिहार U19 ने हरियाणा को 19 रन से हराया, अनमोल ने बनाए 184 रन   •   मसौढ़ी में गरजे अनंत सिंह, बोले- ‘अहंकारी का घमंड इस बार टूटेगा’   •   मसौढ़ी में दुर्गापूजा को लेकर शांति समिति की बैठक, पटना पुलिस अलर्ट   •   मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •  

क्या दबाव में राज्यसभा जा रहे हैं नीतीश? तेजस्वी के आरोपों पर सियासी बहस तेज

बिहार की राजनीति में इन दिनों नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी के आरोपों लगाया है। उनका कहना है कि Bharatiya Janata Party दबाव बनाकर नीतीश कुमार को राज्यसभा भेज रही ह

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
25 मार्च 2026, 04:33 PM IST (25 मार्च 2026) अपडेट: 13 अक्टूबर 2026, 12:35 PM IST
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

बिहार की राजनीति में इन दिनों नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी के आरोपों लगाया है। उनका कहना है कि Bharatiya Janata Party दबाव बनाकर नीतीश कुमार को राज्यसभा भेज रही है और इसके पीछे मकसद Janata Dal (United) को कमजोर करना है।

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बीजेपी लंबे समय से जेडीयू को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार खुद मुख्यमंत्री पद छोड़ना नहीं चाहते थे, बल्कि उन्हें मजबूर किया जा रहा है। यह पहला मौका नहीं है जब तेजस्वी ने ऐसा बयान दिया हो। इससे पहले भी वे कई बार बीजेपी पर जेडीयू को कमजोर करने का आरोप लगा चुके हैं।

हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन आरोपों के पीछे सियासी रणनीति ज्यादा दिखती है। हाल के विधानसभा चुनाव में जेडीयू का प्रदर्शन मजबूत रहा है और पार्टी सत्ता में अहम भूमिका निभा रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या इतनी मजबूत स्थिति में कोई पार्टी दबाव में आकर इतना बड़ा फैसला ले सकती है।

नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद यह चर्चा तेज हुई है कि वे अप्रैल में मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में जेडीयू की आंतरिक स्थिति और नीतीश की राजनीतिक पकड़ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जानकारों का कहना है कि बिहार में जेडीयू का अपना स्वतंत्र जनाधार है और वह किसी भी समय राजनीतिक समीकरण बदलने की क्षमता रखती है।

ममता बनर्जी पर मिथुन चक्रवर्ती का तीखा हमला, रैली में दिए कई विवादित बयान

वहीं, नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर भी विपक्ष सवाल उठाता रहा है, लेकिन हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों और यात्राओं में उनकी सक्रियता इन दावों को कमजोर करती दिखती है। वे लगातार जनसभाओं और सरकारी कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आए हैं।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना किसी दबाव का नतीजा है या फिर एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति। आने वाले दिनों में उनके अगले कदम से ही स्थिति स्पष्ट होगी। अभी के लिए यह मुद्दा बिहार की राजनीति में चर्चा और आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बना हुआ है।

SUBSCRIBE OUR CHANNEL :- MEDIA DARSHAN