शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
वीनू मांकड़ ट्रॉफी: बिहार U19 ने हरियाणा को 19 रन से हराया, अनमोल ने बनाए 184 रन   •   मसौढ़ी में गरजे अनंत सिंह, बोले- ‘अहंकारी का घमंड इस बार टूटेगा’   •   मसौढ़ी में दुर्गापूजा को लेकर शांति समिति की बैठक, पटना पुलिस अलर्ट   •   मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   वीनू मांकड़ ट्रॉफी: बिहार U19 ने हरियाणा को 19 रन से हराया, अनमोल ने बनाए 184 रन   •   मसौढ़ी में गरजे अनंत सिंह, बोले- ‘अहंकारी का घमंड इस बार टूटेगा’   •   मसौढ़ी में दुर्गापूजा को लेकर शांति समिति की बैठक, पटना पुलिस अलर्ट   •   मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •  

1 जून से 15 जून तक चलेगा सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा

ग़ाज़ीपुर : प्रदेश में इन दिनों मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के चलते डायरिया सहित कई तरह की बीमारियां बढ़ने की संभावना है। इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रदेश में 1 जून से 15 जून तक सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चलाने का निर्देश दिया है। जिसके

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
1 जून 2022, 04:48 PM IST (1 जून 2022) अपडेट: 13 अक्टूबर 2026, 06:17 PM IST
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

ग़ाज़ीपुर : प्रदेश में इन दिनों मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के चलते डायरिया सहित कई तरह की बीमारियां बढ़ने की संभावना है। इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रदेश में 1 जून से 15 जून तक सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चलाने का निर्देश दिया है। जिसके कड़ी में बुधवार को नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाथीखाना पर एसीएमओ डॉ केके वर्मा ने हैंड वाशिंग का डेमोंसट्रेशन और बच्चे को ओआरएस का घोल पिलाकर शुभारंभ किया।

एसीएमओ डॉ के के वर्मा ने बताया कि शासन से मिले निर्देश के क्रम में 1 जून से शुरू होने वाले पखवाड़े का बुधवार से शुरुआत किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में बाल मृत्यु दर प्रति 1000 जीवित व्यक्ति पर 48 है। बाल्यावस्था में 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में लगभग 10% मृत्यु दस्त के कारण होती है। इस दस्त का एकमात्र उपचार ओआरएस घोल एवं जिंक की गोली से किया जा सकता है। एवं बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। जिसको लेकर डायरिया से बचाव एवं प्रबंधन के संबंध में प्रत्येक वर्ष की भांति इस साल भी सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जो प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया गया है।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल्यावस्था में दस्त के दौरान ओआरएस एवम जिंक के उपयोग के प्रति लोगों में जागरूकता बनाना, समुदाय स्तर तक ओआरएस व जिंक की उपलब्धता तथा इसके उपयोग को बढ़ावा देना है। साथ ही स्वच्छता के मद्देनजर हाथों को साफ रखने से विभिन्न रोगों से परिवार को सुरक्षित भी रखा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि इस पखवाड़े ने ऐसे परिवार को चिन्हित करना है जिनमें 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हो। जो पखवाड़े के दौरान दस्त रोग से ग्रसित हो। 5 वर्ष तक के कुपोषित बच्चे वाले परिवार को प्राथमिकता देना है। सब सेंटर जहां पर एएनएम ना हो अथवा छुट्टी पर हो अति संवेदनशील क्षेत्र वाले परिवार पर विशेष ध्यान देना होगा। सफाई की कमी वाली जगहों पर निवास करने वाली जनसंख्या पर विशेष ध्यान देना होगा साथ ही उन्हें सफाई और स्वच्छता को लेकर जागरूक करना होगा। जनपद में ऐसे क्षेत्र जहां पूर्व में डायरिया आउटब्रेक हुआ हो एवं बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्र छोटे गांव या छोटे कस्बे जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी हो ऐसे क्षेत्रों पर इस पखवाड़े के तहत विशेष ध्यान देना है।

इस कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ मनोज सिंह, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ, डीपीएम प्रभुनाथ ,डीसीपीएम अनिल वर्मा, डॉ इशानी वर्धन, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।

हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें.