मीडिया दर्शन/सासाराम : तिलौथू मछली मार्केट में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर चल रहे विवाद में पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिलहाल स्थिति यथावत रहेगी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सक्षम अपीलीय प्राधिकार के समक्ष अपील दाखिल करने का अवसर दिया है। साथ ही अपील लंबित रहने और उस पर अंतिम आदेश पारित होने तक वर्तमान स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।
इस आदेश के बाद मछली मार्केट में अतिक्रमण हटाने से संबंधित आगे की कार्रवाई फिलहाल अपीलीय प्रक्रिया के परिणाम पर निर्भर करेगी।
सुनवाई में प्रक्रिया का मुद्दा उठा
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने बिहार पब्लिक लैंड अतिक्रमण अधिनियम, 1956 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए जाने को लेकर सवाल उठाए। अदालत के समक्ष यह पक्ष रखा गया कि नोटिस जारी होने के बाद जवाब देने और सुनवाई का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। साथ ही संबंधित आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात भी कही गई।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर कानून के तहत निर्धारित अपीलीय प्राधिकार के समक्ष विचार किया जा सकता है।
तीन सप्ताह में अपील दाखिल करने की अनुमति
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अपील दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा गया। कोर्ट ने इसकी अनुमति देते हुए निर्धारित अवधि में आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपील दाखिल करने की बात कही।
हाईकोर्ट ने तिलौथू के अंचलाधिकारी को संबंधित आदेश की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया, ताकि याचिकाकर्ता निर्धारित समय के भीतर अपील दायर कर सके।
अपीलीय आदेश तक बनी रहेगी वर्तमान स्थिति
कोर्ट के निर्देश के अनुसार, जब तक मामला सक्षम अपीलीय प्राधिकार के समक्ष लंबित रहेगा और उस पर अंतिम आदेश पारित नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान स्थिति बरकरार रहेगी।
ऐसे में तिलौथू मछली मार्केट में अतिक्रमण हटाने से जुड़ी आगे की कार्रवाई अब अपीलीय प्राधिकार के निर्णय से प्रभावित होगी। मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम अपील की सुनवाई और उसके बाद आने वाले आदेश पर निर्भर करेगा।