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उर्वरक बिक्री व्यवस्था होगी डिजिटल और पारदर्शी, विक्रेताओं को फर्टिलाइजर सेल एप का प्रशिक्षण

हसपुरा में उर्वरक विक्रेताओं को फर्टिलाइजर सेल एप का प्रशिक्षण दिया गया। किसानों के निबंधन से लेकर क्यूआर कोड के जरिए खाद वितरण तक की डिजिटल प्रक्रिया समझाई गई।

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Media Darshan संवाददाता, Media Darshan
27 सितंबर 2026, 12:09 AM IST (27 सितंबर 2026) अपडेट: 28 सितंबर 2026, 09:04 PM IST
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मीडिया दर्शन/हसपुरा, औरंगाबाद: किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक आसानी से उपलब्ध कराने तथा खाद बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शनिवार को हसपुरा में उर्वरक विक्रेताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विक्रेताओं को फर्टिलाइजर सेल एप्लिकेशन के उपयोग और डिजिटल माध्यम से उर्वरक वितरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों के निबंधन से लेकर क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। अनुमंडल पदाधिकारी रजनीकांत भारती ने प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तुति देकर एप के विभिन्न फीचर्स और उसके इस्तेमाल की जानकारी दी।

डिजिटल प्रक्रिया से होगी बिक्री की निगरानी

एसडीओ ने विक्रेताओं को किसानों का सही तरीके से निबंधन करने, आवश्यक जानकारी एप पर दर्ज करने और क्यूआर कोड आधारित प्रक्रिया के जरिए उर्वरक उपलब्ध कराने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरक वितरण को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाना है।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से किसानों को खाद लेने में सुविधा होगी और उर्वरक बिक्री की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। प्रशिक्षण के दौरान ‘खेत बचाओ, गुणवत्तायुक्त बीज और खाद सुलभ कराओ’ विषय पर भी जोर दिया गया।

अधिकारियों ने विक्रेताओं की शंकाओं का किया समाधान

प्रशिक्षण में बीएओ रंजीत कुमार, प्रखंड कृषि समन्वयक धर्मेंद्र कुमार, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कुंदन कुमार तथा सहायक तकनीकी प्रबंधक अवनीश कुमार और मुकेश कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने पीपीटी के माध्यम से एप संचालन, किसान निबंधन और क्यूआर कोड आधारित उर्वरक वितरण समेत अन्य प्रक्रियाओं को समझाया।

इस दौरान उर्वरक विक्रेताओं ने एप से जुड़ी अपनी समस्याएं और सवाल अधिकारियों के सामने रखे, जिनका समाधान किया गया।

कार्यक्रम में उर्वरक विक्रेता अजय सौंडिक, युगल किशोर सिंह, वकील गिरी, लक्ष्मी नारायण, बिजेंद्र कुमार और विजय यादव समेत अन्य विक्रेता शामिल हुए।

अधिकारियों ने सभी विक्रेताओं से डिजिटल व्यवस्था को गंभीरता से अपनाने और किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली के प्रभावी इस्तेमाल से बिक्री व्यवस्था को सरल बनाने के साथ किसानों को अनावश्यक परेशानी से भी राहत मिलेगी।