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अतिक्रमण का शिकार है अनुमंडलीय मुख्यालय का इकलौता पोखर 

  तेघड़ा: तेघड़ा अनुमंडलीय मुख्यालय का एकमात्र पोखर अतिक्रमण का शिकार बना हुआ है। जल जीवन हरियाली अभियान से भी जीर्णोद्धार नहीं हो सका है।तेघड़ा अनुमंडलीय मुख्यालय एवं नगर परिषद क्षेत्र का एकमात्र अतिक्रमित सार्वजनिक पोखर का जीर्णोद्धार

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
20 जनवरी 2023, 10:58 PM IST (20 जनवरी 2023) अपडेट: 22 सितंबर 2026, 05:36 AM IST
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तेघड़ा: तेघड़ा अनुमंडलीय मुख्यालय का एकमात्र पोखर अतिक्रमण का शिकार बना हुआ है। जल जीवन हरियाली अभियान से भी जीर्णोद्धार नहीं हो सका है।तेघड़ा अनुमंडलीय मुख्यालय एवं नगर परिषद क्षेत्र का एकमात्र अतिक्रमित सार्वजनिक पोखर का जीर्णोद्धार नहीं होने से नगरवासियों में असंतोष व्याप्त है। हालांकि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन हरियाली अभियान से इसके जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण की उम्मीद हुई जगी थी लेकिन नगर परिषद प्रशासन की उपेक्षा से ऐसा नहीं हो सका। इस मामले में यह फिसड्डी साबित हो गया। नगर परिषद के पूर्व पार्षद क्रमशः रागिनी कुमारी एवं मेहबूब आलम ने राज्य सरकार के पूर्व नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा से मिलकर इसके जीर्णोद्धार के लिए एक स्मारपत्र दिया था लेकिन आश्वासन के बाद कुछ नहीं मिला। एसडीओ राकेश कुमार ने भी तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी से इसका जीर्णोद्धार कर सुन्दर पार्क बनाने को कहा था लेकिन कमीशन के फेरे में तल्लीन अधिकारी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। लोगों ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद प्रशासन की उदासीनता से अतिक्रमण हटाने का कभी प्रयास भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अनुमंडलीय मुख्यालय के निवासियों के लिए यह एक सुखद एवं पिकनिक मनाने का सुंदर जगह बन सकता है।