शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   रामगढ़ में होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रायल दौड़ जारी, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे युवा   •   देव में कबाड़खानों के संचालन पर सवाल, लाइसेंस और एनओसी को लेकर उठे सवाल   •   आरा में मॉर्निंग वॉक पर रिटायर कस्टम अधिकारी की हत्या, एक आरोपी हिरासत में   •   मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   रामगढ़ में होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रायल दौड़ जारी, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे युवा   •   देव में कबाड़खानों के संचालन पर सवाल, लाइसेंस और एनओसी को लेकर उठे सवाल   •   आरा में मॉर्निंग वॉक पर रिटायर कस्टम अधिकारी की हत्या, एक आरोपी हिरासत में   •  

Success Story: पिता करते थे दिहाड़ी मजदूरी, बेटे ने हिंदी मीडियम से पढ़कर पास की UPSC परीक्षा

Success Story: पूत के पांव पालने में ही समझ आने लगता है. उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले के रहने वाले मुक्तेंद्र कुमार की भी कहानी ऐसी ही है. आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार से ताल्लुक रखने वाले मुक्तेंद्र कुमार ने यूपीएससी की परीक्षा पास करके नाम

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
3 जुलाई 2023, 06:48 PM IST (3 जुलाई 2023) अपडेट: 9 अक्टूबर 2026, 02:43 PM IST
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

Success Story: पूत के पांव पालने में ही समझ आने लगता है. उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले के रहने वाले मुक्तेंद्र कुमार की भी कहानी ऐसी ही है. आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार से ताल्लुक रखने वाले मुक्तेंद्र कुमार ने यूपीएससी की परीक्षा पास करके नाम रोशन किया है.

बिहार में गुरु शिष्य का रिश्ता हुआ शर्मसार, छात्रा के संग बंद कमरे में टीचर लड़ा रहा था इश्क!

बता दें, मुक्तेंद्र के पिता परिवार चलाने के लिए ईंट भट्टी में मजदूरी का काम करते थे. लेकिन अब इस सफलता के बाद हर कोई इस परिवार को बधाई दे रहा है. एक समय ऐसा भी था जब मुक्तेंद्र कुमार के घर की छत बारिश में टपकती रहती थी. घर के हालत इतने अच्छे नहीं थे कि उसे सुधरवा सकें. इन हालातों ने मुक्तेंद्र को जीवन में कुछ बड़ा करने के लिए मोटिवेट किया और उन्होंने यूपीएससी परीक्षा 2022 में 819वीं रैंक हासिल की. मुक्तेंद्र ने लगातार तीन साल यूपीएससी की तैयारी की और अपने दूसरे ही प्रयास में यह परीक्षा पास कर ली.

Success Story: मां को खोया, शादी के दबाव में छोड़ा घर, ट्यूशन पढ़ाकर बन गईं अफसर

मीडिया से बात करते हुए मुक्तेंद्र ने बताया कि, पहले वह केवल SSC एग्जाम के बारे में जानते थे, लेकिन जब उन्हें UPSC के बारे में पता चला तो, उन्होंने इसे निकालने का निश्चय कर लिया. अब ऐसे में जब वह परीक्षा पास कर चुके हैं तो सबसे पहले वह अपने घर और परिवार की हालत सुधारना चाहते हैं. खास बात यह है मुक्तेंद्र ने हिन्दी मीडियम से यूपीएससी की परीक्षा पास की है. मुक्तेंद्र की कहानी, यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है.