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तो बिहार में बनी रहेगी चाचा भतीजे की जोड़ी

पटना ब्यूरो। बिहार में चाचा भतीजा की जोड़ी फिलहाल टूटने नहीं जा रही है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सब कुछ मैनेज हो गया है जिन बिंदुओं पर टकराव थी उन बिंदुओं पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और तेजस्वी यादव के बीच लंबी बातचीत हुई है एक

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
2 फरवरी 2023, 02:50 PM IST (2 फरवरी 2023) अपडेट: 19 सितंबर 2026, 09:45 PM IST
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पटना ब्यूरो। बिहार में चाचा भतीजा की जोड़ी फिलहाल टूटने नहीं जा रही है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सब कुछ मैनेज हो गया है जिन बिंदुओं पर टकराव थी उन बिंदुओं पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और तेजस्वी यादव के बीच लंबी बातचीत हुई है एक न्यूज़ चैनल के द्वारा बिहार में 2024 के लोकसभा चुनाव के पूर्व कराए गए सर्वेक्षण में जो रिपोर्ट आए हैं वह भी चौंकाने वाले हैं अगर अभी के हालात के हिसाब से सब कुछ सामान्य रहता है तो बिहार में 40 सीटों में से 25 सीटें महागठबंधन के खाते में जा सकती है जबकि भाजपा और उनके सहयोगियों के पास 15 सीटें ही रहेंगी पर अगर महागठबंधन बिखरता है तो स्थिति एकदम उलट हो जाएगी और भाजपा के सीट 30 से 35 तक पहुंच सकते हैं और बाकी दल महज 4 से 5 सीटों पर सिमट कर रह जाएंगे। सर्वेक्षण में मुख्यमंत्री के तौर पर भी चौंकाने वाली रिपोर्ट आए हैं बिहार के 31 फ़ीसदी लोग मुख्यमंत्री के रूप में तेजस्वी यादव को देखना चाहते हैं जबकि नीतीश कुमार के खाते में महज 12 फ़ीसदी लोग हैं सुशील कुमार मोदी का ग्राफ बढ़ा है और उन्हें भी 20% लोग मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं सम्राट चौधरी भी नीतीश कुमार से आगे हैं और उनका आंकड़ा 14 फ़ीसदी है नित्यानंद राय को भी 13 फ़ीसदी लोग मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं जीतन राम मांझी के पक्ष में भी 8 फ़ीसदी लोग हैं।