सासाराम : स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए राज सरकार लगातार प्रयासरत है सरकारी अस्पतालों में लोगों को बेहतर सुविधा मिले इसके लिए लगातार नित्य नए प्रयास किए जा रहे हैं और इन्हीं सुविधाएं की वजह से कई बेहतर कार्य देखने को मिल रहे हैं कुछ ऐसा ही गुरुवार को सासाराम सदर अस्पताल के प्रसूति विभाग में देखने को मिला जहां एक एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिला ने संस्थागत प्रसव से नवजात शिशु को जन्म दिया। बता दें कि महिला पिछले 3 वर्षों से एचआईवी पॉजिटिव है। साथ ही साथ उसके पति भी एचआईवी पॉजिटिव है। दोनों का इलाज सदर अस्पताल में जारी है। इसी दौरान महिला गर्भवती भी हो गई और गुरुवार की सुबह महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा एवं बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। वही बच्चा एचआईवी संक्रमित न हो इसके लिए नवजात को नेवरापिन नामक 100 एम की एक डोज दी जाती है। साथ ही डेढ़ वर्ष के भीतर 3 बार उक्त बच्चों की जांच की जाती है।(एचआईवी पीड़ित महिलाओं का)
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अब तक दो महिलाओं का कराया जा चुका है प्रसव
सरकारी अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण के दौरान सासाराम सदर अस्पताल स्थित प्रसव विभाग में एचआईवी पीड़ित महिलाओं का प्रसव कराने के लिए अलग से प्रसव रूम पिछले साल बनाया गया था। प्रसव रूम बनाए जाने के बाद पिछले वर्ष ही पहली एचआईवी पॉजिटिव महिला का सफल प्रसव कराया गया। उसके बाद गुरुवार को दूसरी एचआईवी पीड़ित महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। बताते चलें कि इसके पूर्व यह सुविधा नहीं होने से सदर अस्पताल में एचआईवी पीड़ित महिलाओं का प्रसव नहीं करा जाता था। ऐसे में संक्रमित महिलाएं वाराणसी या फिर निजी अस्पतालों में प्रसव करवाती थी। निजी अस्पतालों में एचआईवी पीड़ित महिलाओं का प्रसव के लिए 50 से 70000 रुपये लिए जाते हैं जबकि सरकारी अस्पताल में यह प्रसव सुविधा पूरी तरह से नि:शुल्क है।(एचआईवी पीड़ित महिलाओं का)
महिला चिकित्सक के देख रेख में हुआ प्रसव
एचआईवी पीड़ित महिलाओं का प्रसव कराने को लेकर डॉक्टरों के साथ साथ नर्सों में कई भ्रांतियां सुनने को मिलती थी परंतु स्वास्थ्य विभाग सहित सहयोगी संस्थाओं द्वारा लगातार मोबिलाइज किए जाने के बाद काफी सकारात्मक प्रभाव सामने आया और आज उसका बेहतर परिणाम देखने को मिल रहा है। सासाराम सदर अस्पताल में कार्यरत एसटीडी परामर्शी सह हेपेटाइटिस बीसी जिला समन्वयक राजेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि महिला चिकित्सक के अलावा पीपीटीसी प्रिया कुमारी, धर्मदेव कुमार, अहाना के अनिल कुमार के बेहतर प्रयास से सफल संस्थागत प्रसव कराया गया। वही रोहतास सिविल सर्जन डॉ के एन तिवारी एवं अस्पताल उपाधीक्षक डॉ श्री भगवान सिंह ने सफल प्रसव कराने वाले टीम को बधाई दिया है। साथ ही सिविल सर्जन ने कहा कि रोहतास जिले में स्वास्थ्य विभाग को और बेहतर किया जा रहा है। इसके लिए लगातार हर विभाग का औचक निरीक्षण करके दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं।(एचआईवी पीड़ित महिलाओं का)