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महिलाओं के माध्यम से राज्य की तस्वीर बदलना चाहती है सरकार : हेमन्त सोरेन

संजय पांडेय, रांची। सरकार हर महिला के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को संकल्पित है। मेरा मानना है कि महिलाओं को समान अधिकार मिलना चाहिए। हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, लेकिन झारखण्ड के परिपेक्ष्य में बात करें तो कई क्षेत्रों में महिलाओं क

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satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
8 मार्च 2022, 07:13 PM IST (8 मार्च 2022) अपडेट: 16 अक्टूबर 2026, 11:51 AM IST
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संजय पांडेय, रांची।
सरकार हर महिला के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को संकल्पित है। मेरा मानना है कि महिलाओं को समान अधिकार मिलना चाहिए। हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, लेकिन झारखण्ड के परिपेक्ष्य में बात करें तो कई क्षेत्रों में महिलाओं को आगे लाने और उन्हें अपने साथ लेकर चलने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। क्योंकि महिलाएं आधी जिम्मेवारी की हिस्सेदार होती हैं। आज के भौतिकवादी युग में बदलाव हुए हैं। आज कहीं ना कहीं रोशनी उन इलाकों तक भी पहुंच रही है, जहां महिलाओं को उनके पैरों पर खड़ा करने का प्रयास किया गया है और यह क्रम लगातार जारी है। उनके पारंपरिक सांस्कृतिक व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। इन सब विषयों को उन तक हमें पहुंचाने की जरूरत है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त करने का कार्य हो रहा है, जिस तरह महिलाएं बढ़ना चाहती हैं। वैसी कार्य योजना बन रही है। जो अपने पैरों पर खड़ा होने की इच्छुक हैं। सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देने को तैयार है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उत्पीड़न को लेकर बातें आती हैं। आज भी ऐसी सोच विद्यमान है, जिसे समाप्त करने का दायित्व हम सबका है तभी हम समान नजरों से देख महिलाओं को साथ लेकर बढ़ सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है| उन तक हमें पहुंचना होगा।

मंत्री, बाल, विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग श्रीमती जोबा मांझी ने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाएं बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। पुरुष के साथ साथ कंधा मिलाकर चलने की जरूरत है। यहां कई योजनाओं का संचालन सफलता पूर्वक किया जा रहा है। समय है आवश्यकता अनुरूप योजनाओं को चुन आगे बढ़ने की। तेजस्विनी परियोजना का क्रियान्वयन 17 जिलों में हो रहा है। 12, 800 क्लब में 10.89 लाख युवतियां जुड़ी है। सरकार लगातार महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री और मंत्री जोबा मांझी ने सेतु शिक्षा पाठ्यक्रम का विमोचन किया। सेतु शिक्षा पाठ्यक्रम राज्य के 17 जिला में शुरू हो रहा है। इसके तहत स्कूल से दूर 8वीं से 10वीं तक की शिक्षा से 14 से 20 वर्ष की बालिकाओं को जोड़ना है।मुख्यमंत्री ने योजनाओं का लाभ देने के लिए ग्रामीण महिलाओं को आधार किट प्रदान किया| योजनाओं में आधार कार्ड की अनिवार्यता को देखते हुए महिलाओं को किट दिया गया| ताकि लाभुकों का आधार कार्ड बने और उन्हें योजनाओं का लाभ दिया जा सके |