मीडिया दर्शन भभुआ(कैमूर): समुदाय, भाषा और मजहब के नाम पर कई हिंसक घटनाए देखने को मिलती है लेकिन कैमूर में आज भी आपसी भाईचारे और एक दूसरे के समुदाय को सम्मान कर गंगा जमुनी तहज़ीब का खूबसूरत मिसाल कैमूर में एक हिंदू परिवार के द्वारा पेश किया जा रहा है। कैमूर जिले के भगवानपुर प्रखंड अंतर्गत बसंतपुर गांव के लोग मुस्लिम भाई के लिए हिन्दू ताजिया रखते हैं,जो 100 वर्ष से परंम्परा चला आ रहा है,दोनो समुदाय के लोग एक दूसरे के पर्व में शामिल होकर बड़ी उत्साह के साथ मनाते है।
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राधे श्याम प्रसाद बताते है कि मेरे दादा परदादा से यह परम्परा चलते आ रहा है हर साल बड़ी धूमधाम से ताजिया रखते है सारा कार्य मुस्लिम भाई साथ मिलकर करते है,सईद अंसारी और इकबाल हुसैन बताते है कि वर्षो से ताजिया हिन्दू परिवार के राधे श्याम रखते है पर इस वर्ष हमलोग भी अलग ताजिया रखे है जो देश के तिरंगे का आकार दिया गया है,गाँव मे जब होली दीवाली छठ दसहरा पर्व आता है तो दोनों समुदाय के लोग शामिल होकर पर्व मानते है,और जब ईद बकरीद ताजिया आता है तो हिन्दू भाई शामिल होते है,इस गांव की ताजिया जिले के साथ दूसरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ।
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गांव के हिन्दू परिवार का कहना है कि मेरे वंशज कोई मन्नत मांगे थे जब पूरा हो गया तो यह परम्परा चलते आ रहा है हर साल ताजिया रखा जाता है जिसमे दोनो समुदाय के लोग शामिल होकर मनाते है यह जिले का पहला ताजिया है जो एक हिन्दू परिवार मुस्लिम भाइयो के लिए रखते है,यहाँ कभी दोनो समुदाय में कोई बात विवाद कभी नहीं हुआ,दोनो एक दूसरे के पर्व में बढ़ चढ़ कर भाग लेते है,जब एक तरफ शांतिपूर्ण माहौल बनाने के लिए भारी संख्या में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती होती है वही यहाँ शांतिपूर्ण माहौल में ताजिया निकली जाती है ।