शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   रामगढ़ में होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रायल दौड़ जारी, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे युवा   •   देव में कबाड़खानों के संचालन पर सवाल, लाइसेंस और एनओसी को लेकर उठे सवाल   •   आरा में मॉर्निंग वॉक पर रिटायर कस्टम अधिकारी की हत्या, एक आरोपी हिरासत में   •   मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   रामगढ़ में होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रायल दौड़ जारी, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे युवा   •   देव में कबाड़खानों के संचालन पर सवाल, लाइसेंस और एनओसी को लेकर उठे सवाल   •   आरा में मॉर्निंग वॉक पर रिटायर कस्टम अधिकारी की हत्या, एक आरोपी हिरासत में   •  

नए संसद में हुए विशेष चर्चा के दौरान औरंगाबाद सांसद ने गिनाई भाजपा  सरकार की उपलब्धि, चंद्रयान – 3 के लिए वैज्ञानिकों को दी बधाई 

  औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह लोकसभा के नए संसद भवन में चल रहे विशेष सत्र में सभापति को धन्यवाद और आभार प्रकट करते हुए अपने  संबोधन में कहा कि आपने लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर एवं ऐतिहासिक और आधुनिक भवन में चंद्रयान-3 पर होने वाली चर्चा

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
22 सितंबर 2023, 09:06 PM IST (22 सितंबर 2023) अपडेट: 16 अक्टूबर 2026, 01:15 PM IST
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

  औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह लोकसभा के नए संसद भवन में चल रहे विशेष सत्र में सभापति को धन्यवाद और आभार प्रकट करते हुए अपने  संबोधन में कहा कि आपने लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर एवं ऐतिहासिक और आधुनिक भवन में चंद्रयान-3 पर होने वाली चर्चा में हिस्सा लेने के लिए अनुमति दिया है। मैं काफी देर से पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बातों को सुन रहा था।यह बहस और विवाद का विषय नहीं है कि इसकी सफलता का श्रेय हमारे वैज्ञानिकों को जाता है।इसके लिए मैं पूरी इसरो के टीम को अपने और देशवासियों के तरफ से हृदय से आभार प्रकट और धन्यवाद देना चाहता हुँ।सदस्य लोग वैज्ञानिको को धन्यवाद दे रहे थे वहीं देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व को इस बात के लिए कटघरे में खड़े कर रहे थे और पुरानी बातों को दोहरा रहे थे। मैं यह कह रहा हुँ कि कोई भी अनुसंधान या रिसर्च वैज्ञानिक ही करते और आगे भी वही करेंगे लेकिन उनको जो अनुसंधान करने के लिए साधन, संसाधन, सपोर्ट, बजट, धन और नैतिक समर्थन चाहिए वह तो वहीं राजनीतिक नेतृत्व देगा जो वर्तमान में देश का नेतृत्व कर रहा है।देश के वैज्ञानिकों ने अनुसंधान करके परमाणु  बम तैयार कर लिया लेकिन विदेशी शक्तियों के दबाव में दुनिया की ताकतवर देश के भय से उसका परीक्षण करने की हिम्मत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई  सरकार के पहले कोई नहीं कर रहा था।

109 वी जयंती पर याद किए गए पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री

अटल जी ने यह हिम्मत दिखाई और पोखरण का सफल परीक्षण हुआ मैं उन सदस्यों से पूछना चाहता हुँ कि आप क्रेडिट किसको देंगे। दुनिया का इतिहास है कि हर 100 साल के अंतराल में कोई ना कोई महामारी किसी न किसी रूप में आती है और 2020 में ठीक उसी प्रकार से कोविड की महामारी आई।पहले का इतिहास यही है जब कोई महामारी इस देश के अंदर आए तब उसे महामारी के लगभग 20-25 साल के बाद उस महामारी के बचाव के लिए टीके आए। लेकिन, विदेशों से आए।इस बार जब 2020 में कोविड की महामारी आई तो एक साल के अंदर देश के वैज्ञानिकों ने दो-दो टीको का निर्माण अपने अनुसंधान और ताकत के बल पर किया।मैं पूछना चाहता हुँ सदस्यों से इसका क्रेडिट आप किसको देंगे।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रयोगशाला में जाकर वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ाते हैं।सफलता पर उन्हें गले मिलते हैं क्यों नहीं उनका उत्साह बढ़ेगा और देश के लिए दुगने नहीं 100 गुणा उत्साह के साथ कार्य करेंगे।एक तरफ जहाँ भारत का लोहा पूरी दुनिया मान रही है और भारत का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है चाहे वह चंद्रयान-3 का सफलता हो या G-20 की सफलता हो हमारे वैज्ञानिकों को मोरल और राजनीतिक समर्थन उनको मिलना चाहिए उसी के आधार पर यह सफलता मिली है।