शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   रामगढ़ में होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रायल दौड़ जारी, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे युवा   •   देव में कबाड़खानों के संचालन पर सवाल, लाइसेंस और एनओसी को लेकर उठे सवाल   •   आरा में मॉर्निंग वॉक पर रिटायर कस्टम अधिकारी की हत्या, एक आरोपी हिरासत में   •   मेघालय में पर्यटन को बढ़ावा, मोटरकारवां योजना से उद्यमियों को मौका   •   भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द फैसला संभव   •   बिहार में उद्योग को बढ़ावा, मुजफ्फरपुर में लेदर पार्क शुरू   •   रामगढ़ में होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रायल दौड़ जारी, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे युवा   •   देव में कबाड़खानों के संचालन पर सवाल, लाइसेंस और एनओसी को लेकर उठे सवाल   •   आरा में मॉर्निंग वॉक पर रिटायर कस्टम अधिकारी की हत्या, एक आरोपी हिरासत में   •  

इंडिया गेट को गिराकर उस स्थान पर “अद्वितीय भारतीय स्वतंत्रता स्मारक” बनाने की मांग

नई दिल्ली : नामधारी संगत ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, जिसमे उन्होंने लोगों को जागरूक किया कि “भारतीय भूमि पर बने गुलामी के सभी कलंक चिन्हों को गिराकर वहां अद्वितीय भारतीय स्वतंत्रता स्मारक बनाए जाएं”। नामधारी संगत क

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
2 अगस्त 2022, 12:53 PM IST (2 अगस्त 2022) अपडेट: 21 सितंबर 2026, 02:43 AM IST
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

नई दिल्ली : नामधारी संगत ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, जिसमे उन्होंने लोगों को जागरूक किया कि “भारतीय भूमि पर बने गुलामी के सभी कलंक चिन्हों को गिराकर वहां अद्वितीय भारतीय स्वतंत्रता स्मारक बनाए जाएं”। नामधारी संगत के प्रतिनिधि ने बताया कि सतगुरु दलीप सिंघ जी (वर्तमान नामधारी गुरु) पिछले सात वर्षों से इस हेतु निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

“इंडिया गेट” के विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि “इंडिया गेट” उन गद्दार भारतीयों की याद में बनाया गया था, जो हमारे देश भक्त भाइयों को मारते हुए और अंग्रेजों की तरफ से लड़ते हुए मर गए थे। वे वही भारतीय थे जिन्होंने वेतन व सुख-सुविधाओं के लिए अंग्रेजों का साथ दिया व अपने देश के साथ गद्दारी की। उन गद्दारों की याद में बना “इंडिया गेट” हम भारतीयों की धरोहर कैसे हो सकती है? यह तो हम सभी भारतीयों के मस्तिष्क पर कलंक चिन्ह है।

हम भारतीयों के लिए बहुत ही शर्म की बात है कि हम अपने देश में “इंडिया गेट” को अपनी विरासत के रूप में दिखाकर गर्व महसूस करते हैं तथा खुश होते हैं। जबकि, बर्मा (म्यांमार) व कम्बोडिया जैसे देश जो अंग्रेजों के गुलाम रह चुके हैं, उन देशों ने भी अपनी भूमि पर स्वतंत्रता स्मारक बना लिए हैं। परन्तु, हमने आज तक नहीं बनाया। इसलिए, सतगुरु दलीप सिंघ जी व नामधारी संगत पिछले सात वर्षों से मांग कर रही है कि “इंडिया गेट” को गिराकर उसी स्थान पर भारत का “अद्वितीय स्वतंत्रता स्मारक” बनाना चाहिए।

ALSO READ … नवजात शिशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में माँ के दूध की अहम भूमिका

यदि भारत सरकार “कलंक चिन्ह इंडिया गेट को गिराकर, उस स्थान पर देश की आज़ादी के लिए शहादत देने वालों की याद में अद्वितीय स्वतंत्रता स्मारक बनाती है, तो यह उन महान शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी”।

हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें.