शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 राँची 29°C
ब्रेकिंग न्यूज़
108 एंबुलेंस कर्मचारियों का NHM कार्यालय पर धरना, 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान   •   अनंत सिंह के कथित बयान पर मांझी बोले- गलत काम को सही नहीं ठहराया जा सकता, जांच के बाद कार्रवाई हो   •   मोदी सरकार ने बिहार के लिए खोला खजाना! 2424 किमी NH पर खर्च होंगे ₹1.64 लाख करोड़   •   आज से खुला VTR, जंगल सफारी शुरू; बाढ़ के बाद फिर गुलजार हुआ वाल्मीकि टाइगर रिजर्व   •   वीनू मांकड़ ट्रॉफी: बिहार U19 ने हरियाणा को 19 रन से हराया, अनमोल ने बनाए 184 रन   •   मसौढ़ी में गरजे अनंत सिंह, बोले- ‘अहंकारी का घमंड इस बार टूटेगा’   •   108 एंबुलेंस कर्मचारियों का NHM कार्यालय पर धरना, 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान   •   अनंत सिंह के कथित बयान पर मांझी बोले- गलत काम को सही नहीं ठहराया जा सकता, जांच के बाद कार्रवाई हो   •   मोदी सरकार ने बिहार के लिए खोला खजाना! 2424 किमी NH पर खर्च होंगे ₹1.64 लाख करोड़   •   आज से खुला VTR, जंगल सफारी शुरू; बाढ़ के बाद फिर गुलजार हुआ वाल्मीकि टाइगर रिजर्व   •   वीनू मांकड़ ट्रॉफी: बिहार U19 ने हरियाणा को 19 रन से हराया, अनमोल ने बनाए 184 रन   •   मसौढ़ी में गरजे अनंत सिंह, बोले- ‘अहंकारी का घमंड इस बार टूटेगा’   •  

लालू प्रसाद यादव परिवार को बड़ा झटका, नौकरी के बदले जमीन घोटाले में आरोप तय, राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला

पटना/नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए साल 2026 की शुरुआत एक बड़े कानूनी झटके के साथ हुई है। बहुचर्चित नौकरी के बदले जमीन घोटाले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए लालू

S
satyam kumar sinha संवाददाता, Media Darshan
9 जनवरी 2026, 12:54 PM IST (9 जनवरी 2026) अपडेट: 29 सितंबर 2026, 01:56 AM IST
शेयर करें:
WhatsApp X (Twitter) Facebook

पटना/नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए साल 2026 की शुरुआत एक बड़े कानूनी झटके के साथ हुई है। बहुचर्चित नौकरी के बदले जमीन घोटाले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती समेत कई आरोपियों पर आरोप तय करने का आदेश दिया है। यह फैसला सीबीआई की चार्जशीट के आधार पर सुनाया गया है।

मामला वर्ष 2009 का है, जब यूपीए सरकार के दौरान लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में नौकरी देने के बदले उम्मीदवारों से जमीन उनके परिवार के सदस्यों या करीबी लोगों के नाम लिखवाई गई। सीबीआई ने इसे गंभीर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का मामला बताया है।

राउज एवेन्यू कोर्ट में सीबीआई के विशेष जज विशाल गोगने ने इस केस में फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान मीसा भारती और तेज प्रताप यादव सहित कई आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे, जबकि लालू प्रसाद यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। कोर्ट ने कुल 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं, हालांकि इस दौरान पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है। वहीं, कोर्ट ने 52 आरोपियों को इस मामले में बरी भी कर दिया है।

कोर्ट के आदेश में कहा गया कि यह मामला सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा सत्ता के दुरुपयोग और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। अब इस केस में नियमित ट्रायल चलेगा, जिसकी अगली सुनवाई 29 जनवरी को निर्धारित की गई है।

इस फैसले के बाद लालू यादव परिवार की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अगर आरोप साबित होते हैं तो इसका असर राजद की राजनीति और खासकर तेजस्वी यादव के भविष्य पर भी पड़ सकता है। राजनीतिक गलियारों में इसे बिहार की राजनीति के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है।

पटना में दौड़ेगी बिहार की पहली वाटर मेट्रो, 10 घाटों को जोड़ेगी गंगा की रफ्तार

SUBSCRIBE OUR CHANNEL :- MEDIA DARSHAN